भारतीय संसद में आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश | Economic Survey of India 2025–26

👉 आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट :2026

भारतीय संसद में हाल ही में आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश की गई। यह रिपोर्ट हर वर्ष केंद्रीय बजट से एक दिन पहले संसद में प्रस्तुत की जाती है।

आर्थिक सर्वेक्षण देश की वर्तमान आर्थिक स्थिति, विकास दर, महंगाई, रोज़गार, औद्योगिक विकास, राजकोषीय घाटा और भविष्य की आर्थिक चुनौतियों का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करता है।

इस रिपोर्ट को मुख्य आर्थिक सलाहकार (Chief Economic Advisor) के नेतृत्व में वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग द्वारा तैयार किया जाता है।

✍️परीक्षा की दृष्टि से आर्थिक सर्वेक्षण सरकार की आर्थिक नीतियों की दिशा समझने का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज़ है।

👉आर्थिक सर्वेक्षण कब पेश किया गया?

🔸इस बार आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 की रिपोर्ट 29 जनवरी 2026 को संसद के लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश की गई।

🔸यह ✔️ आर्थिक सर्वेक्षण अर्थव्यवस्था का वार्षिक विश्लेषण होता है
✔️ GDP, महंगाई, रोजगार और राजकोषीय घाटा प्रमुख विषय
✔️ यह रिपोर्ट नीति निर्माण और बजट का आधार बनती है
✔️ सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण

से ठीक पहले प्रस्तुत किया गया प्रमुख दस्तावेज़ है।

📍 मुख्य आर्थिक सलाहकार

इस आर्थिक सर्वेक्षण को मुख्य आर्थिक सलाहकार (Chief Economic Advisor) डॉ. वी. अनंत नागेश्वरन (V. Anantha Nageswaran) और उनकी टीम की देखरेख में तैयार किया गया है।

✍️Current Affairs: आर्थिक सर्वेक्षण में तथ्यात्मक बिंदु

आर्थिक सर्वेक्षण भारत की वर्तमान आर्थिक स्थिति का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करता है। इसमें मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं 👇

🔹 विकास दर (Growth Rate)

सर्वेक्षण में यह अनुमान लगाया गया है कि वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की जीडीपी 6.8% से 7.2% के बीच बढ़ सकती है।

🔹 महंगाई (Inflation)

अर्थव्यवस्था में महंगाई नियंत्रण और कीमतों की स्थिरता को प्राथमिकता दी गई है, जिससे आम जनता पर दबाव कम हो।

🔹 रोज़गार (Employment)

रिपोर्ट में नौकरी सृजन, रोजगार अवसरों और श्रम बाजार की डिमांड-सप्लाई स्थिति का विश्लेषण होता है (सामान्यतः रोजगार संकेतकों पर डेटा शामिल किया जाता है)।

🔹 औद्योगिक विकास (Industrial Growth)

औद्योगिक क्षेत्र की वृद्धि, विनिर्माण और सेवाक्षेत्र में प्रगति का मूल्यांकन किया जाता है जिससे अर्थव्यवस्था की मजबूती समझी जा सके।

🔹 राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit)

सर्वेक्षण सरकार की राजकोषीय स्थिति, खर्च-आय संतुलन और घाटे की स्थिति का लेखा-जोखा प्रदान करता है।

🔹 भविष्य की आर्थिक चुनौतियाँ (Future Challenges)

रिपोर्ट ग्लोबल आर्थिक अनिश्चितता, व्यापार नीतियों, ऊर्जा कीमतों और तकनीकी परिवर्तन जैसी चुनौतियों की ओर भी इशारा करती है।

📌 कुल सार (Exam Ready)

🔹आर्थिक सर्वेक्षण 29 जनवरी 2026 को संसद में पेश किया गया।

🔹इसे मुख्य आर्थिक सलाहकार डॉ. वी. अनंत नागेश्वरन द्वारा तैयार किया गया।

🔹रिपोर्ट में विकास दर, महंगाई, रोजगार, औद्योगिक विकास, राजकोषीय घाटा और भविष्य की आर्थिक चुनौतियाँ पर विस्तृत विश्लेषण है।

🔹✔️ आर्थिक सर्वेक्षण अर्थव्यवस्था का वार्षिक विश्लेषण होता है

✔️ GDP, महंगाई, रोजगार और राजकोषीय घाटा प्रमुख विषय

✔️ यह रिपोर्ट नीति निर्माण और बजट का आधार बनती है

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