🔹 भारत–यूरोपीय यूनियन के बीच FTA 2026
मंगलवार 27 जनवरी ,2026 को भारत और यूरोपीय यूनियन (EU) के बीच लंबे समय से चली आ रही वार्ताओं के बाद मुक्त व्यापार समझौता (Free Trade Agreement – FTA) संपन्न हुआ। यह समझौता वर्ष 2026 में हुआ और इसे भारत–EU संबंधों में एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।
यह FTA भारत और यूरोप के बीच व्यापार, निवेश, तकनीक और सेवाओं के क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा देगा।
🔹 “मदर ऑफ ऑल डील्स”
इस समझौते को “Mother of All Deals” कहा गया क्योंकि:
🔸यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा और व्यापक FTA है
🔸इसमें 27 यूरोपीय देशों के साथ एक साथ समझौता हुआ
🔸व्यापार, निवेश, डिजिटल इकॉनमी, ग्रीन एनर्जी, बौद्धिक संपदा जैसे कई क्षेत्र शामिल हैं
🔸इसका वैश्विक आर्थिक प्रभाव अत्यंत व्यापक है
🔹 FTA के मुख्य बिंदु
✔️ भारत और EU के बीच आयात–निर्यात शुल्क में कटौती
✔️ भारतीय उत्पादों (टेक्सटाइल, फार्मा, आईटी, ऑटो पार्ट्स) को यूरोप में आसान बाजार
✔️ यूरोपीय कंपनियों के लिए भारत में निवेश के नए अवसर
✔️ सेवा क्षेत्र (IT, प्रोफेशनल सर्विसेज) को बढ़ावा
✔️ ग्रीन टेक्नोलॉजी और क्लाइमेट सहयोग
✔️ सप्लाई चेन को मजबूत करना
✔️ MSMEs और स्टार्टअप्स को अंतरराष्ट्रीय अवसर
🔹 यूरोपीय यूनियन (EU) – तथ्य
🔸यूरोपीय यूनियन में कुल 27 देश शामिल हैं
🔸यह विश्व का एक प्रमुख आर्थिक और व्यापारिक ब्लॉक है
🔸भारत के लिए EU एक प्रमुख व्यापारिक साझेदार है
भारत–EU FTA 2026 में यूरोपीय यूनियन की ओर से उच्च-स्तरीय नेतृत्व ने भाग लिया।
मुख्य रूप से 👇
🇪🇺 यूरोपीय यूनियन की ओर से प्रतिनिधित्व
🔹 Ursula von der Leyen
पद: अध्यक्ष, यूरोपीय आयोग (European Commission President)
भूमिका:EU की कार्यपालिका प्रमुख
व्यापार समझौतों (FTA) में EU की मुख्य वार्ताकार प्राधिकरण
भारत–EU FTA को अंतिम रूप देने में केंद्रीय भूमिका
🔹 António Costa
पद: अध्यक्ष, यूरोपीय परिषद (European Council President)
भूमिका:EU के 27 सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों/सरकार प्रमुखों का प्रतिनिधित्व
समझौते को राजनीतिक समर्थन और रणनीतिक दिशा
🔹 FTA का भारत और EU पर प्रभाव
⚡भारत पर प्रभाव
निर्यात में वृद्धिरोजगार के नए अवसर
Make in India को बढ़ावा
भारतीय कंपनियों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूती
⚡यूरोपीय यूनियन पर प्रभाव
🔸भारत जैसे बड़े बाजार तक बेहतर पहुंच
🔸निवेश और तकनीकी सहयोग में वृद्धि
🔸एशिया में EU की आर्थिक उपस्थिति मजबूत
⚡वैश्विक प्रभाव
🔸वैश्विक सप्लाई चेन में स्थिरता
🔸मुक्त व्यापार को प्रोत्साहन
🔸भारत की वैश्विक आर्थिक भूमिका और सशक्त
🔹 निष्कर्ष
भारत–यूरोपीय यूनियन FTA 2026 न केवल एक व्यापार समझौता है, बल्कि यह रणनीतिक, आर्थिक और वैश्विक साझेदारी का नया अध्याय है। “मदर ऑफ ऑल डील्स” कहलाने वाला यह समझौता भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग और ट्रेड हब बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा
📌 परीक्षा के लिए One-liner
- भारत–EU FTA 2026 को “Mother of All Deals” कहा गया
- EU में कुल 27 सदस्य देश
- यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा FTA
- भारत–EU FTA 2026 में EU की ओर से Ursula von der Leyen (European Commission) और António Costa (European Council) ने भाग लिया।