राष्ट्रीय पक्षी दिवस 2026: राजस्थान में पक्षी विविधता और संरक्षण
राष्ट्रीय पक्षी दिवस हर साल 5 जनवरी को मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य पक्षियों के महत्व, उनके संरक्षण और उनकी घटती संख्या के प्रति जागरूकता फैलाना है। इसे विश्व के कई देशों में मनाया जाता है ताकि लोग पक्षियों के संरक्षण की चुनौतियों और उनके पारिस्थितिकी तंत्र में योगदान को समझ सकें।
राष्ट्रीय पक्षी दिवस – कब
तिथि: 5 जनवरी
भारत सहित विश्व के कई देशों में
उद्देश्य: पक्षियों की घटती संख्या पर ध्यान संकटग्रस्त प्रजातियों का संरक्षण पारिस्थितिकी संतुलन
👉 भारत का राष्ट्रीय पक्षी: मोर (Peacock)
राजस्थान में पक्षियों की प्रजातियाँ
- राजस्थान में कुल पक्षी प्रजातियाँ: लगभग 510
- रेड डेटा बुक में -14 रेड डेटा बुक में
प्रमुख पक्षी क्षेत्र:
- केओलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान (भरतपुर)
- तालछापर अभयारण्य
- सांभर झील
- डेजर्ट नेशनल पार्क (जैसलमेर)
राजस्थान प्रवासी और स्थानीय दोनों प्रकार के पक्षियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण राज्य है।
रेड डेटा बुक में शामिल 14 पक्षी प्रजातियाँ
रेड डेटा बुक में वे प्रजातियाँ शामिल होती हैं जो विलुप्ति के खतरे में हैं। राजस्थान में 14 पक्षी प्रजातियाँ इसमें दर्ज हैं, जिन्हें तीन श्रेणियों में बांटा जाता है:
(A) अति संकटग्रस्त (Critically Endangered – CR)
अर्थ: जिनके विलुप्त होने का खतरा अत्यंत अधिक है।
प्रमुख पक्षी:
- गोडावण (Great Indian Bustard)
- सफेद गिद्ध
- भारतीय गिद्ध
- स्लेंडर-बिल्ड गिद्ध
- बंगाल फ्लोरिकन
(B) संकटग्रस्त (Endangered – EN)
अर्थ: जिनकी संख्या तेजी से घट रही है।
प्रमुख पक्षी:
- लेसर फ्लोरिकन (तिलोर)
- ग्रेट हॉर्नबिल
- ब्लैक-बेलीड टर्न
(C) अस्थिर (Vulnerable – VU)
अर्थ: भविष्य में संकटग्रस्त बनने की आशंका।
प्रमुख पक्षी:
- सरस क्रेनडाल
- मेशियन पेलिकन
- ग्रेट स्टोन कर्ल्यू
गोडावण (Great Indian Bustard) – राजस्थान का गौरव
राज्य पक्षी: राजस्थान🌍 IUCN Status:
- Critically Endangered
- मुख्य आवास: डेजर्ट नेशनल पार्क, जैसलमेर
- प्रमुख खतरे:हाई-वोल्टेज बिजली लाइनों से टकराव
- घास के मैदानों का विनाश
- अवैध शिकार
Project Great Indian Bustard (Project GIB)
- शुरुआत: 5 जून 2013
- शुरू किया: राजस्थान सरकार
- उद्देश्य:गोडावण की विलुप्ति रोकना
- प्राकृतिक आवास (Grassland) का संरक्षण
- संरक्षण प्रजनन (Conservation
प्रमुख कार्य
- जैसलमेर (Sam, Ramdevra) में Breeding Centres
- बिजली लाइनों को भूमिगत करना
- अंडा संरक्षण एवं कृत्रिम प्रजनन
- केंद्र सरकार का Species Recovery Programme
- 👉 यह परियोजना Project Tiger की तर्ज पर मानी जाती है।
संरक्षण के प्रमुख उपाय
- घास के मैदानों का संरक्षण
- आर्द्रभूमियों (Wetlands) की रक्ष
- स्थानीय समुदाय की भागीदारी
- वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 का सख्त पालन
परीक्षा उपयोगी तथ्य (Quick Revision)
- राष्ट्रीय पक्षी दिवस – 5 जनवरी
- राजस्थान में पक्षी प्रजातियाँ – 510
- रेड डेटा बुक में – 14 प्रजातियाँ
- गोडावण – Critically Endangered
- Project GIB – 5 जून 2013