77वां गणतंत्र दिवस 2026: पद्म पुरस्कार, वीरता सम्मान, मुख्य अतिथि व विशेष तथ्य | Daily Current Affairs

🔹77वाँ गणतंत्र दिवस –2026

भारत 26 जनवरी 2026 को अपना 77वाँ गणतंत्र दिवस धूमधाम से मना रहा है। यह दिन 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान लागू होने की वर्षगांठ के रूप में मनाया जाता है, जिसने भारत को एक संप्रभु, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य बनाया।

🔹थीम एवं विशेष बातें

📌 थीम : ‘वंदे मातरम् के 150 वर्ष’ – इस बार परेड एवं समारोह का मुख्य विषय राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा है, जो भारत के साहस, संस्कृति और एकता का प्रतीक है।

📌 परेड में भारत की सांस्कृतिक विविधता, सैन्य शक्ति और लोकतांत्रिक मूल्यों की झलक पेश की जाएगी।

👤 मुख्य अतिथि

इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह में दुनिया भर से दो मुख्य अतिथि शामिल होंगे:

🌐 यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष – Antonio Costa

🌐 यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष – Ursula von der Leyen

इन विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति भारत–यूरोपीय संघ संबंधों को भी मजबूती प्रदान करती है।

🏅 दिए जाने वाले पुरस्कार

रिपब्लिक डे के अवसर पर कई राष्ट्रीय सम्मान व पुरस्कार दिए जाते हैं।

📌 पद्म पुरस्कार (Padma Awards) — पद्म विभूषण, पद्म भूषण, पद्म श्री प्रमुख नागरिक सम्मान में शामिल हैं।

📌 वीरता एवं सेवा पुरस्कार — शौर्य, क्रान्ति, विशिष्ट सेवा जैसे वीरता सम्मान भी राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किए जाते हैं।

🇮🇳 पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री

🔸पद्म विभूषण – सर्वोच्च नागरिक सम्मान

🔸पद्म भूषण – उच्च नागरिक सम्मान

🔸पद्म श्री – नागरिक सम्मान

इन पुरस्कारों से देश के उत्कृष्ट योगदानकर्ताओं को उनकी सेवाओं के लिए सम्मानित किया जाता है, जिसमें कला, संस्कृति, खेल, समाज सेवा व विज्ञान जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

🪖 वीरता एवं सेवा पुरस्कार

राष्ट्रगान की भावना के अनुरूप वीरता और सेवा पुरस्कार सैनिकों, अधिकारियों और नागरिकों को भी सम्मानित किया जाता है, जो अपने कर्तव्य में अद्वितीय साहस और सेवा का प्रदर्शन करते हैं।

कितने राज्यों की झांकियां?

कुल 30 झांकियाँ परेड में शामिल होंगी।

🔹 17 झांकियाँ – राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा

🔹 13 झांकियाँ – मंत्रालयों, विभागों और सेवाओं द्वाराये झांकियाँ भारत की संस्कृति, विकास और उपलब्धियों को दर्शाती हैं।

🌟 विशेष — पहली बार क्या हुआ?

✔️ परेड में पहली बार लंबी दूरी तक मारक क्षमता वाली ‘सूर्यास्त्र’ रॉकेट लॉन्चर प्रणाली शामिल होगी, जो भारतीय रक्षा क्षमता दर्शाती है।

✔️ नवगठित ‘भैरव लाइट कमांडो बटालियन’, जांस्कर टट्टू, बैटल एरे फॉर्मेशन जैसे आकर्षक तत्व भी पहली बार परेड में शामिल होंगे।

✔️ इंडो–यूरोपीय स्तर के दो अतिथियों की उपस्थिति भी एक नया और ऐतिहासिक पहलु है।

📝 निष्कर्ष

77वाँ गणतंत्र दिवस न केवल भारत के संविधान के मूल्य और लोकतांत्रिक सिद्धांतों का उत्सव है, बल्कि यह देश की सांस्कृतिक एकता, रक्षा क्षमता, और वैश्विक साझेदारी को भी सशक्त रूप से प्रदर्शित करता है। इस वर्ष की थीम ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ के महत्व को रेखांकित करती है, जो भारत के राष्ट्रीय गौरव और संस्कृति को और अधिक ऊँचाई प्रदान करती है।

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