दिवाली UNESCO अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर में शामिल — संपूर्ण जानकारी करेंट अफेयर्स

UNESCO में शामिल दिवाली, यानी Deepavali को 10 दिसंबर 2025 को आधिकारिक रूप से UNESCO की “Representative List of the Intangible Cultural Heritage of Humanity” में शामिल किया गया।

  • तारीख: 10 दिसंबर 2025
  • स्थान: लाल किला, दिल्ली
  • घोषणा: दिवाली को UNESCO की Intangible Cultural Heritage (ICH) सूची में शामिल किया गया।
  • इवेंट: UNESCO की 20वीं Intergovernmental Committee Meeting।

दिवाली UNESCO अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर में शामिल – मुख्य बिंदु

  • दिवाली अब पूर्ण रूप से UNESCO की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (Intangible Cultural Heritage) सूची में शामिल हो चुकी है।
  • यह ऐतिहासिक घोषणा 10 दिसंबर 2025 को दिल्ली के लाल किला में चल रही UNESCO की 20वीं अंतर-सरकारी समिति की बैठक में की गई।
  • दिवाली को UNESCO की “Representative List of the Intangible Cultural Heritage of Humanity” में शामिल किया गया।
  • भारत की यह 16वीं सांस्कृतिक परंपरा है जिसे UNESCO का यह सम्मान मिला है।
  • घोषणा उसी बैठक में हुई जहाँ दुनिया भर से करीब 78 देशों द्वारा कुल 67-plus प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा था।
  • दिवाली अब विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा है।
  • यह निर्णय यूनेस्को की बैठक के दौरान भारत के प्रस्ताव के आधार पर लिया गया।
  • इस सम्मिलन के साथ भारत की कुल 16 सांस्कृतिक परंपराएँ UNESCO की सूची में दर्ज हो चुकी हैं।
  • इससे दिवाली की सांस्कृतिक, सामाजिक और आध्यात्मिक परंपराओं को वैश्विक पहचान और संरक्षण मिलेगा।

दिवाली का प्रस्ताव कब और कैसे भेजा गया?

भारत सरकार ने 2024 में दिवाली को UNESCO की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर सूची में शामिल करने के लिए औपचारिक नामांकन प्रस्ताव (Nomination Dossier) भेजा।

प्रस्ताव में दिवाली के—

✓ ऐतिहासिक महत्व

✓ समुदाय की भागीदारी

✓ सांस्कृतिक विविधता

✓ लोक परंपराएँ

✓ पीढ़ी दर पीढ़ी हस्तांतरण—जैसे बिंदुओं को मजबूत रूप में प्रस्तुत किया गया।

UNESCO की मूल्यांकन समितियों द्वारा समीक्षा के बाद 2025 की बैठक में इसका अनुमोदन किया गया।

दिवाली से पहले भारत की UNESCO अमूर्त सांस्कृतिक धरोहरों की सूची (चयनित)

1. कुंभ मेला- दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक मेला, जिसे 2017 में मान्यता मिली।यह तीर्थ-मेला/पर्व भारत के धार्मिक-सांस्कृतिक जीवन का एक विशाल हिस्सा

2. रामलीला- रामायण आधारित नाट्य प्रस्तुति, 2008 में शामिल।महाकाव्य Ramayana के दृश्य प्रस्तुतियों पर आधारित पारंपरिक नाटक/नाट्य-रूप।

3. योग (Yoga) – शारीरिक-मानसिक साधना का वैश्विक अभ्यास।शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक अभ्यास जो विश्व स्तर पर जाना-पहचाना है।

4. दुर्गा पूजा (कोलकाता)2021 में शामिल, भारत के सबसे बड़े सांस्कृतिक आयोजनों में एक।विशेष रूप से कोलकाता में मनाई जाने वाली) — भारतीय त्योहारों का एक परिचित और व्यापक रूप।

5. गरबा (गुजरात)2023 में शामिल — नृत्य आधारित सांस्कृतिक परंपरा।

6. छऊ नृत्य (पूर्वी भारत)लोकनृत्य शैली — 2010 में शामिल।

7. ब्रास बैंड परंपराकुछ वर्ष पूर्व भारतीय लोक उत्सवों की विरासत के रूप में शामिल।

राजस्थान से UNESCO अमूर्त धरोहर में शामिल — कालबेलिया नृत्य (Kalbelia Dance of Rajasthan)

  • कालबेलिया नृत्य — Rajasthan (2010)UNESCO में शामिल: 2010
  • श्रेणी: पारंपरिक लोक-नृत्य और लोक-संगीत
  • विशेषताएँ:कालबेलिया समुदाय के लोग सांपों के साथ जुड़े सांस्कृतिक जीवन के कारण “सापेरा/कलबेलिया” नाम से जाने जाते हैं।
  • महिलाओं का लहराता घेरा, सांप जैसी लचक और तीव्र घूमना इसकी प्रमुख शैली है।
  • पुरुष पारंपरिक वाद्य जैसे—✓ पुंगी✓ खंजड़ी✓ ढोलक—बजाते हैं।
  • यह लोकनृत्य लोकजीवन, उत्सव, पारंपरिक रंग-रूप और राजस्थान की मिट्टी की पहचान का मजबूत प्रतीक है।
  • UNESCO ने इसे “विशिष्ट लोक-जीवन, जीवित परंपरा और सामाजिक पहचान का प्रतीक” बताते हुए सूची में दर्ज किया था।

क्यों महत्वपूर्ण है दिवाली का UNESCO में शामिल होना?

  • वैश्विक सांस्कृतिक मान्यतापरंपराओं का संरक्षणसामुदायिक भागीदारी का सम्मान,
  • भारत की सांस्कृतिक कूटनीति (Cultural Diplomacy) को मजबूती,
  • भारतीय संस्कृति की अंतरराष्ट्रीय पहचान में वृद्धि।
  • सांस्कृतिक संरक्षण, दस्तावेज़ीकरण और प्रचार बढ़ेगा।
  • सांस्कृतिक कूटनीति (Cultural Diplomacy) को मजबूती।पर्यटन और वैश्विक जागरूकता में वृद्धि।

UNESCO की अमूर्त धरोहर सूची ऐसी “living traditions” —

  • त्यौहार, रीति-रिवाज़, लोक-कलाएँ, सामाजिक प्रथाएँ आदि — को मान्यता देती है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही हों, और सामुदायिक हिस्सेदारी / हस्तांतरण (inter-generational transmission) हो।

UNESCO में दिवाली शामिल — 15 MCQs (व्याख्या सहित) | Current Affairs 2025

Q1. दिवाली को UNESCO की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर सूची में कब शामिल किया गया?

A) 2023

B) 2024

C) 2025

D) 2022

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उत्तर: C व्याख्या: 10 दिसंबर 2025 को दिवाली को आधिकारिक रूप से UNESCO ICH Representative List में शामिल किया गया।

Q2. दिवाली को सूची में शामिल करने की घोषणा किस स्थान पर हुई?

A) जिनेवा

B) जयपुर

C) मुंबई

D) दिल्ली, लाल किला

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उत्तर: D व्याख्या: UNESCO की 20वीं बैठक दिल्ली के लाल किला परिसर में आयोजित हुई।

Q3. भारत ने दिवाली को UNESCO में शामिल करने का प्रस्ताव किस वर्ष भेजा था?

A) 2023

B) 2024

C) 2022

D) 2025

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उत्तर: B व्याख्या: भारत ने 2024 में Nomination Dossier भेजा था।

Q4. UNESCO ICH में दिवाली किस सूची में शामिल की गई?

A) Danger List

B) World Heritage Sites List

C) Cultural Landscape List

D) Representative List of ICH

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उत्तर: D व्याख्या: दिवाली को UNESCO की Representative List में स्थान मिला।

Q5. दिवाली के शामिल होने के बाद भारत के कुल ICH तत्वों की संख्या क्या हो गई?

A) 12

B) 10

C) 20

D) 16

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उत्तर: D व्याख्या: दिवाली 16वीं प्रविष्टि बनी।

Q6. निम्न में से कौन-सा राजस्थान का UNESCO ICH तत्व है?

A) घूमर

B) कच्छी घोड़ी

C) कालबेलिया नृत्य

D) गवर

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उत्तर: C व्याख्या: कालबेलिया नृत्य को 2010 में UNESCO में सूचीबद्ध किया गया था।

Q7. कालबेलिया समुदाय किनसे संबंधित माना जाता है?

A) ऊंट पालन

B) कृषि

C) सांप / सर्प पालन

D) मछली पकड़ना

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उत्तर: C व्याख्या: कालबेलिया समुदाय सांप पकड़ने और संबंधित परंपराओं से जुड़ा है।

Q8. UNESCO ने दिवाली को क्यों चुना?

A) राजनीतिक कारण

B) केवल आर्थिक महत्व

C) Living Tradition एवं सांस्कृतिक विविधता

D) पर्यटन बढ़ाने के लिए

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उत्तर: C व्याख्या: दिवाली को सांस्कृतिक, सामाजिक और पारंपरिक महत्व के आधार पर चुना गया।

Q9. निम्न में से कौन-सा तत्व UNESCO ICH में पहले से दर्ज है?

A) कुम्भ मेला

B) गरबा

C) रामलीला

D) उपरोक्त सभी

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उत्तर: D व्याख्या: ये सभी पहले से UNESCO ICH में शामिल हैं।

Q10. कालबेलिया नृत्य में प्रमुख वाद्य कौन-सा है?

A) संतूर

B) सरोद

C) पुंगी

D) हारमोनियम

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उत्तर: C व्याख्या: पुंगी कालबेलिया नृत्य में प्रयुक्त प्रमुख वाद्य है।

Q11. UNESCO ICH किस प्रकार की विरासत को सूचीबद्ध करता है?

A) इमारतें

B) स्मारक

C) परंपराएँ, नृत्य, उत्सव, लोककलाएँ

D) प्राकृतिक स्थल

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उत्तर: C व्याख्या: ICH अमूर्त (Non-tangible) सांस्कृतिक विरासत को मान्यता देता है।

Q12. UNESCO सूची में शामिल करने के लिए किस दस्तावेज़ की आवश्यकता होती है?

A) Cultural Charter

B) Heritage Claim

C) Nomination Dossier

D) Cultural Voucher

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उत्तर: C व्याख्या: Nomination Dossier में परंपरा का पूरा दस्तावेज़ शामिल होता है।

Q13. दिवाली का UNESCO में शामिल होना किस श्रेणी में आता है?

A) Tangible Heritage

B) Mixed Heritage

C) Monumental Heritage

D) Intangible Cultural Heritage

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उत्तर: D

Q14. निम्न में से कौन “UNESCO अमूर्त धरोहर” की विशेषता है?

A) निर्माणाधीन इमारतें

B) वैज्ञानिक नियम

C) सामुदायिक सहभागिता

D) औद्योगिक डिजाइन

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उत्तर: C व्याख्या: ICH में सामुदायिक भागीदारी मुख्य तत्व है।

Q15. दिवाली को UNESCO में शामिल करने से भारत को कौन-सा लाभ होगा?

A) मुद्रा विनिमय दर बदल जाएगी

B) राजनीति में बदलाव

C) सांस्कृतिक पहचान मजबूत होगी

D) खेल उपलब्धियाँ बढ़ेंगी

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उत्तर: C व्याख्या: UNESCO मान्यता सांस्कृतिक पहचान, संरक्षण और वैश्विक महत्व बढ़ाती है।

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