ISRO Mission Failure: इसरो का मिशन दूसरी बार असफल | Daily Current Affairs हिंदी

1️⃣ इसरो का पीएसएलवी -C62 रॉकेट असफल

  • ISRO (Indian Space Research Organisation) भारत की प्रमुख अंतरिक्ष एजेंसी है
  • हाल ही में इसरो द्वारा भेजा गया PSLV-C62 अंतरिक्ष मिशन तकनीकी कारणों से दूसरी बार अपने निर्धारित उद्देश्य में सफल नहीं हो पाया।
  • यह मिशन भारत के श्रीहरिकोटा (आंध्र प्रदेश) स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से प्रक्षेपित किया गया था।
  • PSLV-C62 रॉकेट मिशन 12 जनवरी,2026 को अन्वेषा सहित 16उपग्रहों को ले जा रहा यह मिशन असफल हो गया I यह 9 माह में दूसरी बार इसरो का परीक्षण असफल रहा है I

2️⃣ मिशन से संबंधित तथ्य

  • यह वर्ष 2026 का पहला असफल मिशन रहा तथा 9 माह में दूसरी बार इसरो द्वारा असफल परीक्षण रहा I
  • PSLV -C62 मिशन में कुल 16 उपग्रह जिसमे 7 देशी एवं 8 विदेशी उपग्रह शामिल थे I
  • इसमें एक अन्वेषा सेटेलाइट इसरो का एडवांस्ड सेटेलाइट था जिसमें हैदराबाद के स्टार्टअप के छात्रों द्वारा विकसित ध्रुवा स्पेस के पांच उपग्रह भी शामिल थे I
  • इसरो द्वारा 1993 से लेकर अब तक 64 प्रक्षेपणों में केवल 4 बार असफल रहा है I
  • यह मिशन पृथ्वी की छोटी से छोटी वस्तुओं की इमेज लेने, सीमा सुरक्षा एवं मिट्टी के प्रकार तथा खेतों की सटीक स्थिति बताने के लिए उपयोगी सिद्ध हो सकता था I

3️⃣ परीक्षा उपयोगी तथ्य – Key Fect

🔹 इसरो की स्थापना : 1969

🔹 मुख्यालय : बेंगलुरु, कर्नाटक

🔹 प्रक्षेपण स्थल : सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा

🔹 मिशन विफलता का सामान्य कारण :

  • प्रोपल्शन सिस्टम में तकनीकी गड़बड़ी
  • सेंसर/सॉफ्टवेयर त्रुटि
  • कक्षा (Orbit) में सही ढंग से स्थापित न हो पाना
  • 🔹 इसरो हर असफल मिशन के बाद Failure Analysis Committee गठित करता है।

4️⃣ निष्कर्ष

🔸 ISRO, Department of Space के अंतर्गत कार्य करता है।

🔸 भारत विश्व का कम लागत वाला अंतरिक्ष मिशन संचालित करने वाला प्रमुख देश है।

🔸 चंद्रयान-3 की सफलता ने यह सिद्ध किया कि असफलता के बाद सुधार इसरो की ताकत है।

4️⃣ One-Liner Facts

🔹 ISRO भारत की राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसी है।

🔹 हर मिशन की विफलता से ISRO तकनीकी सुधार करता है।

🔹 भारत कम लागत में अंतरिक्ष मिशन चलाने के लिए प्रसिद्ध है।

🔹 चंद्रयान-3 ने भारत को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव तक पहुँचाया।

🔹 असफलता ISRO के लिए सीखने की प्रक्रिया है।

🔹 गगनयान भारत का पहला मानव अंतरिक्ष मिशन होगा।

ISRO की असफलताएँ उसकी कमजोरी नहीं बल्कि भविष्य की सफलताओं की नींव हैं।”

📝 परीक्षा उपयोगी MCQ (उत्तर व व्याख्या सहित)

Q1. ISRO की स्थापना किस वर्ष हुई थी?

A) 1959

B) 1962

C) 1969

D) 1975 ✅ उत्तर: C

व्याख्या

👉 व्याख्या: ISRO की स्थापना 1969 में डॉ. विक्रम साराभाई के नेतृत्व में हुई।

Q2. ISRO का मुख्य प्रक्षेपण केंद्र कहाँ स्थित है?

A) बेंगलुरु

B) श्रीहरिकोटा

C) तिरुवनंतपुरम

D) हैदराबाद ✅ उत्तर: B

व्याख्या

👉 व्याख्या: सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा भारत का मुख्य लॉन्च पैड है।

Q3. मिशन विफल होने के बाद ISRO क्या करता है?

A) मिशन रद्द

B) जांच समिति गठित

C) निजी एजेंसी को सौंपता है

D) कोई कार्रवाई नहीं ✅ उत्तर: B

व्याख्या

👉 व्याख्या: ISRO फेल्योर एनालिसिस कमेटी बनाकर कारणों का अध्ययन करता है।

Q4. ISRO किस मंत्रालय/विभाग के अंतर्गत कार्य करता है?

A) विज्ञान मंत्रालय

B) रक्षा मंत्रालय

C) अंतरिक्ष विभाग

D) इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय ✅ उत्तर: C

Q5. ISRO की पहचान किसके लिए है?

A) महंगे मिशन

B) निजीकरण

C) कम लागत वाले सफल मिशन

D) केवल सैन्य उपग्रह ✅ उत्तर: C

प्रतियोगी परीक्षाओं REET | DELED | RPSC | RSSB | TEACHER L-1 L-2 & SSC के लिए नीचे दी गई अध्ययन सामग्री पढ़ें 👇

Latest Study Material ✍️

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top